ग्रहण के समय अगर कोई करता है ये 5 काम, हो जाते हैं रोगी और गरीब

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अजय

28 और 29 अक्टूबर की रात को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है और यह ग्रहण भारत में दिखाई देने वाला है। शरद पूर्णिमा की रात लगने वाला यह ग्रहण देर रात 1 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगा और 2 बजकर 24 मिनट पर ग्रहण का मोक्षकाल अर्थात समाप्त होगा। यानी यह ग्रहण 1 घंटा 18 मिनट का होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के समय कुछ ऐसे कार्य हैं, जिनको करना निषेध बताया गया है।

बता दे इन कार्यों के करने से व्यक्ति रोगी और गरीब होता है और जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चंद्र ग्रहण के समय मानसिक तौर पर पूजा अर्चना करना चाहिए और कुछ चीजों को करने से बचना चाहिए।

देवी भागवत पुराण के अनुसार, ग्रहण के समय भोजन करने से बचना चाहिए। अगर आप भोजन कर भी रहे हैं तो दूसरों का दिन गया भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति दरिद्र और रोगी हो जाता है। ग्रहण समय के भोजन करना निषेध है, ऐसा करने से धन धान्य में भी कमी आती है। हालांकि केवल बच्चे और बीमार व्यक्तियों के लिए यह नियम लागू नहीं होता।

ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए, ऐसा करने से वाले व्यक्ति को कई तरह के रोगों का सामना करना पड़ता है। ग्रहण के समय मंत्रों का जप और मानसिक तौर पर पूजा अर्चना करना बहुत उत्तम माना गया है। ऐसा करने से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है और उस पूजा व मंत्रों के जप का फल दोगुना मिलता है लेकिन ध्यान रखना चाहिए कि ग्रहण के समय सोएं ना। ग्रहण के समय पत्ते, तिनके, लकड़ी, फूल आदि न तोड़ने चाहिए और चिंता नहीं करनी चाहिए, ऐसा करने से बुद्धि का नाश होता है।

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