नई दिल्ली/पटना: बिहार में रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार आज पहली बार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रहे हैं। इस उच्च स्तरीय बैठक को बिहार के भविष्य और एनडीए गठबंधन की मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटों की भारी जीत के बाद, यह बैठक केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने का मंच है।
मुलाकात के प्रमुख एजेंडे (Key Points)
प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) पर होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है:
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बिहार कैबिनेट का विस्तार: शपथ ग्रहण के समय सीमित मंत्रियों ने शपथ ली थी। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद उनके रिक्त पद और अन्य खाली विभागों को भरने के लिए नए चेहरों पर मुहर लग सकती है।
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7 निश्चय 3.0 (Saat Nischay 3.0): नीतीश सरकार ने 2025-2030 के लिए विकास का नया रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत 1 करोड़ रोजगार, बंद चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने और सेमीकंडक्टर पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्र से वित्तीय मदद की मांग की जाएगी।
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बिहार रिवाइवल प्लान: राज्य में औद्योगिक क्लस्टर्स और डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण पर चर्चा होगी ताकि पलायन को रोका जा सके।
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2026 की चुनावी रणनीति: आगामी राज्यसभा सीटों और विधान परिषद चुनावों को लेकर भी एनडीए के घटक दलों के बीच समन्वय पर बात संभव है।
राजनीतिक मायने और गठबंधन की ताकत
नवंबर 2025 में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद नीतीश कुमार का कद एनडीए के भीतर और मजबूत हुआ है। पीएम मोदी के साथ उनकी यह मुलाकात यह संदेश देती है कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार अब विकास की गति को दोगुना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
“यह मुलाकात बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगी। केंद्र का सहयोग बिहार की प्रगति के लिए हमेशा की तरह निर्णायक होगा।” – जदयू वरिष्ठ नेता
प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार का संभावित स्वरूप
| श्रेणी | संभावित विवरण |
| कुल मंत्री पद | 36 तक हो सकते हैं |
| भाजपा का कोटा | नए चेहरों और क्षेत्रीय संतुलन पर ध्यान |
| जदयू का कोटा | अनुभवी मंत्रियों की वापसी संभव |
| अन्य सहयोगी | हम (HAM) और लोजपा (R) को उचित प्रतिनिधित्व |
‘विकसित बिहार’ का विजन
इस बैठक में नीतीश कुमार बिहार को मिलने वाली विशेष सहायता राशि और लंबित केंद्रीय परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का आग्रह भी कर सकते हैं। विशेष रूप से कोशी और सीमांचल क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन और कनेक्टिविटी को लेकर नए प्रस्ताव रखे जा सकते हैं।
बिहार सरकार का लक्ष्य है कि ‘7 निश्चय 3.0’ के माध्यम से न केवल बुनियादी ढांचा सुधारा जाए, बल्कि युवाओं को उनके अपने राज्य में ही उच्च स्तर के रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस विजन को समर्थन मिलना बिहार के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
पीएम मोदी और नीतीश कुमार की यह जोड़ी बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर चुकी है। आज की इस मुलाकात के बाद होने वाले निर्णय यह तय करेंगे कि अगले 5 वर्षों में बिहार की विकास दर को देश के शीर्ष राज्यों के बराबर कैसे लाया जाए। शाम तक इस बैठक के आधिकारिक निष्कर्ष आने की संभावना है।

















