बच्ची को जिंदा दफनाने वाली महिला को फांसी की सजा, पढ़ें क्या है मामला

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जालंधर/लुधियाना(नवनीत कौर) : पंजाब के जिला लुधियाना में 3 साल की मासूम बच्ची दिलरोज की हत्या मामले में लुधियाना कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बच्ची की हत्यारी नीलम को फांसी की सजा का आदेश दिया है।आपको बता दें कि साल 2021 में लुधियाना में 3 साल की मासूम बच्ची दिलरोज को जिंदा रेत में दफना कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को महिला नीलम को दोषी करार दिया था।जिसके बाद कोर्ट ने 16 अप्रैल तक फैसला सुरक्षित रख लिया और फिर 18 तारीख को फैसले का दिन तय किया था। वहीं आज 18 अप्रैल को कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान मासूम दिलरोज़ की हत्यारी को मौत की सजा सुनाई गई है।

काफी बहस के दौरान, पीड़ित के वकील परुपकर घुम्मन व सरकारी वकील बी डी गुप्ता ने कहा था कि मासूम की हत्या पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए।पीड़ित आरोपी का परिचित था, क्योंकि वह उसका पड़ोसी था। जिंदा दफनाए जाने के कारण बच्चे को हुई पीड़ा असामान्य है। दरअसल, आरोपी को पता था कि जिंदा दफनाए जाने पर मृतक की दम घुटने से मौत हो जाएगी,जो इस मामले में हुआ। ऐसे मामलों में मौत बहुत दर्दनाक होती है क्योंकि मृतक सांस नहीं ले पाता। दरअसल, जिंदा दफनाए जाने की घटना भयानक मौत की सूची में काफी ऊपर है। जब अदालत ने उसे महिला को दोषी ठहराया, तब अभियोजन पक्ष ने उसे मौत की सजा की मांग उठाई।जबकि, दोषी के वकील ने नरमी की मांग की। बता दें कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने क़रीब 26 गवाह पेश किए व मामला सफलतापूर्वक साबित किया।

बता दें कि आरोपी महिला घटना को अंजाम देने के लिए बच्ची को चॉकलेट के बहाने ले गई थी। आरोपी महिला ने पहले बच्ची को चॉकलेट खिलाने के बहाने घर से बाहर निकाला और एक्टिवा पर एक सुनसान जगह पर ले गयी थी।बाद में महिला को भी मोके पर पकड़ लिया गया।

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