नई दिल्ली/चंडीगढ़: आज का दिन भारतीय राजनीति और कानूनी गलियारों के लिए बेहद हलचल भरा रहा। एक तरफ जहां शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में बजट सत्र 2026 के दौरान राहुल गांधी ने संसद में सरकार को घेरा।
1. बिक्रम मजीठिया की जमानत: “सच्चाई की जीत हुई”
आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में फंसे पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
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वकील अर्शदीप कलेर का बयान: मजीठिया के वकील और अकाली दल के नेता अर्शदीप सिंह कलेर ने इसे ‘लोकतंत्र और न्याय की जीत’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि “पंजाब सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से यह केस बनाया था, लेकिन माननीय न्यायालय में सरकार अपने दावों को साबित करने में विफल रही।”
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अकाली दल में खुशी: इस फैसले के बाद अकाली दल के कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। पार्टी ने इसे आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के लिए एक बड़ा सबक बताया है।
2. बजट सत्र 2026: संसद में राहुल गांधी का आक्रामक अंदाज
संसद के बजट सत्र के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
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बजट को बताया ‘खोखला’: राहुल गांधी ने कहा कि यह बजट देश के असली संकटों—जैसे बेरोजगारी, गिरती मैन्युफैक्चरिंग और किसानों की दुर्दशा—को नजरअंदाज करता है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा: सदन में राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की यादों (memoirs) का जिक्र करते हुए लद्दाख गतिरोध पर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिससे संसद में भारी हंगामा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी चर्चाओं से भाग रही है।
3. आज की बड़ी राजनीतिक हलचल: एक नजर में
| मुख्य समाचार | विवरण |
| मजीठिया केस | सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली, जेल से बाहर आएंगे अकाली नेता। |
| वकील का दावा | अर्शदीप कलेर ने कहा- “झूठे केस एक्सपोज हो गए हैं।” |
| राहुल गांधी की स्पीच | बजट को युवाओं और किसानों के खिलाफ बताया। |
| संसद में हंगामा | एलएसी (LAC) और सुरक्षा मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार। |
राजनीतिक विश्लेषण: क्या बदलेगी पंजाब की हवा?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मजीठिया की रिहाई पंजाब में शिरोमणि अकाली दल को फिर से संगठित होने में मदद करेगी। वहीं, संसद में राहुल गांधी का सख्त रुख यह संकेत दे रहा है कि 2026 का यह बजट सत्र सरकार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
“यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, इसमें न रोजगार है और न ही किसानों के लिए कोई ठोस योजना।” — राहुल गांधी (संसद में)

















