मकर संक्रांति 2026: देशभर में आस्था की डुबकी और उत्सव की धूम, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

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प्रस्तावना: भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर ऋतु का स्वागत एक उत्सव की तरह किया जाता है। आज पूरा देश श्रद्धा और उल्लास के संगम में डूबा हुआ है। 14 जनवरी 2026 को उत्तर भारत में मकर संक्रांति, दक्षिण में पोंगल, पूर्वोत्तर में माघ बिहू और गुजरात में उत्तरायण का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। सूर्य के उत्तरायण होने के इस विशेष अवसर पर नदियों के तटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है।

गंगासागर और प्रयागराज में उमड़ा जनसैलाब

मकर संक्रांति के अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड के बीच संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती के मिलन स्थल) पर डुबकी लगाई। प्रशासन के अनुसार, तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था।

वहीं, पश्चिम बंगाल के गंगासागर में ‘सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार’ की कहावत चरितार्थ होती दिखी। देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों ने समुद्र और गंगा के संगम पर स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। ठंड और कोहरे के बावजूद लोगों की आस्था अटूट दिखी।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को इन त्योहारों की बधाई दी। पीएम ने लिखा, “मकर संक्रांति, पोंगल, भोगली बिहू और उत्तरायण के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। प्रकृति और संस्कृति से जुड़े ये पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएं।” इसके साथ ही कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी जनता को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

विविध रूपों में मनाया जा रहा है त्योहार

  1. मकर संक्रांति (उत्तर भारत): घर-घर में खिचड़ी, तिल-गुड़ के लड्डू बनाए गए हैं। दान-पुण्य का दौर जारी है।

  2. पोंगल (दक्षिण भारत): तमिलनाडु में चार दिवसीय पोंगल उत्सव का आज मुख्य दिन है। लोग मिट्टी के बर्तनों में नए चावल से पोंगल बनाकर सूर्य देव को भोग लगा रहे हैं।

  3. बिहू (असम): असम में माघ बिहू के अवसर पर ‘भेलाघर’ बनाकर सामूहिक भोज और पारंपरिक नृत्यों का आयोजन किया जा रहा है।

  4. उत्तरायण (गुजरात): गुजरात में आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सटा हुआ है। ‘कापो छे’ के नारों के साथ लोग पतंगबाजी का आनंद ले रहे हैं।

दान और खगोलीय महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है, जिससे दिन बड़े होने लगते हैं और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल और ऊनी कपड़ों के दान का विशेष महत्व है।

निष्कर्ष: यह त्योहार न केवल फसल कटाई का जश्न है, बल्कि यह हमारे देश की ‘विविधता में एकता’ का जीवंत उदाहरण भी है। अलग-अलग नाम और परंपराएं होने के बावजूद, सूर्य उपासना और आपसी प्रेम का संदेश पूरे भारत को एक सूत्र में बांधता है।

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