जालंधर/अयोध्या (sneha) : अयोध्या में हवाई अड्डा जिसका उद्घाटन शनिवार को किया जाएगा उसका नाम बदलकर “महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम” कर दिया गया है। हवाई अड्डे का नाम महान कवि वाल्मिकी के नाम पर रखा जा रहा है, जिन्हें महाकाव्य रामायण के लेखक के रूप में जाना जाता है। हवाई अड्डे को पहले “मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम अयोध्या अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा” कहा जाता था। नवनिर्मित हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को अयोध्या में राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह से कुछ दिन पहले करेंगे। भव्य प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी, 2024 को आयोजित किया जाएगा।
हवाई अड्डे के निर्माण के पहले चरण की लागत लगभग 1,450 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। 6,500 वर्ग मीटर में फैली नई टर्मिनल बिल्डिंग को 600 पीक-ऑवर यात्रियों को समायोजित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता 10 लाख यात्रियों की है। सूत्रों ने कहा कि विकास के दूसरे चरण में 50,000 वर्ग मीटर में फैले एक नए टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल होगा, जो पीक आवर्स के दौरान 3,000 यात्रियों और सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
जानकारी के मुताबिक, जिस दिन इसका उद्घाटन होगा, उस दिन पहली उड़ानें इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित की जाएंगी। दोनों एयरलाइंस पहले ही जनवरी 2024 से दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद से अयोध्या के लिए उड़ानें शुरू करने की घोषणा कर चुकी हैं। हवाई अड्डे के निर्माण के पहले चरण की लागत लगभग 1,450 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।


















