
जालंधर/नेशनल (sneha) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार यानि 17 दिसंबर को कहा कि ‘गरीबी हटाओ’ का नारा अलग बात है लेकिन अब देश के गरीब यह कहते हैं कि उनके घर में रसोई गैस का सिलिंडर आने के बाद अमीर और गरीब का भेद मिट गया है।

उन्होंने ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ को किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि देश का काम करार दिया और कहा कि यह यात्रा सरकार द्वारा चलायी जा रही परियोजनाओं को लेकर जनता की प्रतिक्रिया जानने का अवसर है। उनका कहना था कि यह यात्रा खुद उनके लिये भी एक कसौटी और परीक्षा है कि जो उन्होंने कहा था वह वास्तव में जनता तक पहुंच भी रहा है या नहीं।

प्रधानमंत्री ने इसी साल मई में जयपुर में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस के ‘गरीबी हटाओ’ अभियान को आजाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला बताया था। मोदी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ”तमाम योजनाएं चलायी जा रही हैं लेकिन अब भी खबर मिलती है कि फलां गांव में कोई व्यक्ति फलां योजना के लाभ से वंचित रह गया है। इसलिये विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। हमने तय किया कि फिर से एक बार देश भर में जाएं। सरकार की जो योजनाएं हैं . जिन्हें लाभ मिला है, उनसे सुनें कि उन्हें क्या-क्या लाभ मिला। लाभ कैसे मिला । लाभ प्राप्त करने में कोई कठिनाई तो नहीं हुई। कोई रिश्वत तो नहीं देनी पड़ी। जितना तय था उतना मिला या उससे कम मिला। एक बार जाएंगे तो इसका हिसाब-किताब भी हो जाएगा।यह विकसित भारत संकल्प यात्रा एक प्रकार से मेरी भी कसौटी है, परीक्षा है, मैं आपके मुंह से सुनना चाहता हूं और देशभर से सुनना चाहता हूं कि जैसा मैंने कहा था वैसा हुआ या नहीं।”

















