जालंधर/लुधियाना (नवनीत कौर): लोकसभा चुनावों के दौरान लुधियाना से भाजपा के उम्मीदवार रवनीत बिट्टू द्वारा शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने का जो शेड्यूल जारी किया है, उससे जुड़ी एक खबर सुनने को मिल रही है कि सरकारी कोठी के किराए के मुद्दे पर नगर निगम से मिलने वाली एन.ओ.सी. अटक गई है।यहां बताना उचित होगा कि लोकसभा चुनावों के दौरान उम्मीदवार के रूप में डी.सी. के पास नामांकन दाखिल करने के लिए पहले नगर निगम से एन.ओ.सी. हासिल करना जरूरी है कि आवेदक की तरफ प्रॉपर्टी टैक्स, पानी-सीवरेज के बिल या अन्य किसी तरह का रेवेन्यू बकाया नही है। यह एन.ओ.सी. हासिल करने के लिए उम्मीदवार व उनके करीबी पिछले कई दिनों से नगर निगम ऑफिस में जद्दोजहद करते हुए नजर आ रहें हैं। जहां तक बिटटू का सवाल है, उनके नाम पर लुधियाना में शायद कोई प्रॉपर्टी नही है। लेकिन उन्हें रोज गार्डन के नजदीक सरकारी कोठी मिली हुई है, जिसका किराया बिटटू को देना पड़ता है। अब एन ओ सी लेने की बारी आई तो नगर निगम द्वारा कोठी के बकाया किराया जमा करवाने की शर्त लगा दी गई है
मिली जानकारी के मुताबिक पी डब्ल्यू डी विभाग द्वारा जगह के कलेक्टर व मार्केट रेट के अनुपात के आधार पर इस कोठी के किराए की काफी ज्यादा असेसमेंट कर दी है और अब नगर निगम के अफसरों द्वारा कोठी काफी पुरानी बनी होने की वजह से किराए को री-असेस करने की सिफारिश की गई है। बिटटू को मिली हुई नगर निगम की कोठी का मुद्दा पिछले साल आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत गोगी द्वारा उठाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि एम.पी. के रूप में बिट्टू को दिल्ली में सरकारी कोठी मिली हुई है, लेकिन उन्होंने लुधियाना में भी नगर निगम से एक कोठी ली है। जिसका किराया व बिजली-पानी का बिल नही दिया जा रहा, जिसकी वसूली के लिए सरकार को सिफारिश करने की बात उस समय गोगी द्वारा कही गई थी।

















