हिमाचल में बर्फबारी का तांडव: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जनजीवन ठप, आज बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

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हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में कुदरत का कड़ा पहरा: ऑरेंज अलर्ट के बीच थमी रफ्तार, भारी बर्फबारी से शिक्षण संस्थान बंद

शिमला/मनाली: हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ के बीच मनाली, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

मनाली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर

पर्यटक नगरी मनाली और इसके आसपास के ऊंचे शिखरों पर बीती रात से ही रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। अटल टनल और रोहतांग दर्रा पूरी तरह से बर्फ से ढक चुके हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को सोलंग नाला से आगे न जाने की सख्त हिदायत दी है। बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरी घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में है।

प्रशासन का सख्त फैसला: आज बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

भारी बर्फबारी और संभावित भूस्खलन के खतरों को देखते हुए जिला कलेक्टरों ने छात्रों की सुरक्षा के लिए आज शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने के कारण स्कूली बसों और वाहनों का चलना खतरनाक साबित हो सकता है। यह आदेश विशेष रूप से कुल्लू, लाहौल-स्पीति और चंबा जिलों के उन क्षेत्रों में लागू है जहाँ बर्फबारी अधिक हो रही है।

सड़कें और बिजली सेवाएं प्रभावित

भारी बर्फबारी के कारण प्रदेश की लगभग 150 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें सड़कों से बर्फ हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार गिर रही बर्फ बाधा उत्पन्न कर रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार टूटने और ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम के इसी तरह बने रहने का अनुमान लगाया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे:

  • नदी-नालों और हिमस्खलन (Avalanche) संभावित क्षेत्रों की ओर न जाएं।

  • बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और फोर-व्हील ड्राइव वाहनों का उपयोग करें।

  • किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

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