जालंधर (आरती) : भगवंत मान जी, आप पंजाब में पंजाबी भाषा की परीक्षा लेते-लेते खुद को इस विषय में कमजोर साबित कर रहे हैं। कृपया बुरा न मानें! मैं आपको सुधार के लिए बता रहा हूँ कि ‘चंडीगढ़’ शब्द लिखते समय ‘ड’ अक्षर पर सिहारी नहीं, बल्कि बिहारी लगती है।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि सही भाषा का उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से जब आप एक सार्वजनिक पद पर होते हैं और लोगों से संवाद करते हैं। भाषा की शुद्धता न केवल आपकी समझ को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आप अपने राज्य और उसकी सांस्कृतिक विरासत को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
इस संदर्भ में, यह भी आवश्यक है कि भाषाई त्रुटियों को ठीक करने के लिए उचित ध्यान दिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी न हो और जनता के बीच आपकी प्रतिष्ठा को कोई नुकसान न पहुंचे। पंजाब की जनता आपसे उम्मीद करती है कि आप न केवल प्रशासनिक कार्यों में, बल्कि भाषाई दृष्टिकोण से भी सटीक और प्रभावी होंगे।
















