जालंधर (आरती ) : जालंधर वेस्ट विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी (आप) की जीत के बाद नगर निगम चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। लुधियाना, जालंधर, पटियाला, और अमृतसर में नगर निगम के मेयर का कार्यकाल पिछले साल जनवरी से अप्रैल के बीच पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक नए चुनावों की तारीख घोषित नहीं हुई है।
चुनाव में देरी के कारण
नियमों के अनुसार, नगर निगम के जनरल हाऊस का कार्यकाल पूरा होने के 6 महीने के अंदर नए चुनाव करवाना अनिवार्य है। हालांकि, इस बार लोकसभा चुनाव और जालंधर वेस्ट सीट पर उपचुनाव की वजह से नगर निगम चुनावों में देरी हो रही है। अब जब ‘आप’ ने जालंधर वेस्ट सीट जीत ली है, सियासी गलियारे में यह चर्चा शुरू हो गई है कि पार्टी अपने हक में बने माहौल का फायदा उठाकर जल्द से जल्द नगर निगम चुनाव करवाने की कोशिश कर सकती है।
वार्डबंदी और कानूनी अड़चनें
नगर निगम चुनावों में हो रही देरी के लिए नए सिरे से वार्डबंदी की प्रक्रिया को कारण बताया जा रहा था, जो फाइनल होने में काफी समय ले रही थी। जब वार्डबंदी प्रक्रिया पूरी हो गई, तब कोर्ट में केस पेंडिंग होने के कारण चुनाव फिर से लटक गए।
अब देखना होगा कि ‘आप’ की इस जीत के बाद नगर निगम चुनाव कब करवाए जाएंगे और क्या यह चुनाव पार्टी के पक्ष में साबित होंगे।

















