सीनेट चुनाव की मांग पर भड़की आग, पंजाब यूनिवर्सिटी में संपूर्ण बंद; सभी परीक्षाएं स्थगित

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PU exam postponement notice on November 26, 2025, due to Senate election protest.

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में आज पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि छात्रों ने सीनेट चुनावों की तत्काल घोषणा की मांग को लेकर पूर्ण बंद का आह्वान किया। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संभावित व्यवधान को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला किया है। इस अभूतपूर्व बंद के कारण कैंपस के अकादमिक और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए।

विरोध की मुख्य वजह: सीनेट का अनिश्चितकाल तक निलंबन

पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों, पूर्व छात्रों और फैकल्टी का एक बड़ा वर्ग पिछले कई महीनों से सीनेट चुनावों के निलंबन को लेकर आक्रोशित है। सीनेट विश्वविद्यालय की सर्वोच्च शासी निकाय (Governing Body) होती है, जो नीतियों और महत्वपूर्ण फैसलों का अनुमोदन करती है। कोविड-19 महामारी के बाद से ही सीनेट के चुनाव लंबित हैं और इसके सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।

छात्र संगठनों का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर चुनावों को टाल रहा है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार किया जा सके और विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण फैसलों में छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी को खत्म किया जा सके। सोमवार को छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद आज पूर्ण बंद का आह्वान किया गया।

 कैंपस में दिखा व्यापक असर

छात्र संगठनों ने सुबह होते ही कैंपस के मुख्य द्वारों को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कक्षाओं और विभागों को खुलने से रोका। इस बंद में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए, जिन्होंने प्लेकार्ड लिए और प्रशासन विरोधी नारे लगाए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय ने एक आधिकारिक नोटिस जारी किया, जिसमें घोषणा की गई कि 26 नवंबर 2025 को होने वाली स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर की सभी लिखित और व्यावहारिक परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाती हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नई तिथियों के लिए जल्द ही जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें। इस अचानक हुए बंद से दूर-दराज से परीक्षा देने आए छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

 छात्रों और प्रशासन का रुख

एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स (AS) के नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सीनेट चुनावों की तारीख घोषित नहीं हो जाती। सीनेट विश्वविद्यालय की आत्मा है, और इसे निष्क्रिय रखना लोकतंत्र की हत्या है। हम छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे।”

वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वे छात्रों के साथ बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही एक समाधान निकाला जाएगा। प्रशासन ने बताया कि परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय छात्रों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीनेट चुनाव कराना प्रशासन की मंशा में है, लेकिन कुछ कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण इसमें देरी हो रही है।

पंजाब यूनिवर्सिटी न केवल एक शैक्षणिक केंद्र है, बल्कि उत्तर भारत की एक प्रतिष्ठित संस्था है। सीनेट चुनाव का यह मुद्दा अब केवल विश्वविद्यालय परिसर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ और पंजाब की राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। सभी की निगाहें अब विश्वविद्यालय प्रशासन और पंजाब के राज्यपाल (जो कि पीयू के चांसलर भी हैं) पर टिकी हैं कि वे इस गतिरोध को कब और कैसे तोड़ते हैं।

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