चक्रवात ‘दितवाह’ की भीषण तबाही, दक्षिणी राज्यों पर मंडराया खतरा
भीषण चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ (Cyclone Ditwah) ने अपनी दस्तक के साथ ही भारी तबाही मचाना शुरू कर दिया है। श्रीलंका के मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवात से संबंधित भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। चक्रवात ‘दितवाह’ वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित है और यह लगातार मजबूत होकर भारतीय तटों की ओर बढ़ रहा है।

भारत के 5 राज्यों में हाई अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवात की तीव्रता को देखते हुए भारत के पांच दक्षिणी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाई अलर्ट जारी किया है। जिन राज्यों को सबसे अधिक जोखिम पर रखा गया है, उनमें तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। IMD के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात ‘दितवाह’ के 30 नवंबर तक और अधिक तेज होकर एक गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।
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तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश: इन राज्यों के तटीय जिलों, विशेष रूप से कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, नेल्लोर, और प्रकाशम में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
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अन्य प्रभावित क्षेत्र: केरल, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान है।

सरकार की तैयारी और बचाव कार्य
राज्य और केंद्र सरकारें मिलकर बचाव और राहत कार्यों की तैयारी कर रही हैं।
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NDRF टीमें तैनात: राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कई टीमों को तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के संवेदनशील तटीय इलाकों में तैनात किया गया है।
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तटीय निकासी: प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित आश्रयों (साइक्लोन शेल्टर) में पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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स्कूल-कॉलेज बंद: जोखिम वाले जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया गया है।
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श्रीलंका में स्थिति: श्रीलंका में राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने और बुनियादी सुविधाओं (बिजली, संचार) को बहाल करने की चुनौती का सामना कर रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चक्रवात ‘दितवाह’ से केवल तेज बारिश ही नहीं, बल्कि 60 से 90 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे बिजली के खंभे, पेड़ और कमजोर संरचनाएं गिर सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
चक्रवात ‘दितवाह’ का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। IMD लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर बुलेटिन जारी कर रहा है।


















