कश्मीर में बर्फबारी का तांडव: सफ़ेद आफ़त ने रोकी रफ्तार, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बर्फबारी ने घाटी की खूबसूरती को जहाँ एक ओर निखारा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह एक बड़ी मुसीबत बनकर उभरी है। आसमान से गिरती ‘सफ़ेद आफ़त’ के कारण घाटी का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट गया है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।
हवाई सेवाओं पर ग्रहण: 25 उड़ानें रद्द
बर्फबारी का सबसे गंभीर असर हवाई यातायात पर पड़ा है। कम दृश्यता (Low Visibility) और रनवे पर जमी बर्फ के कारण श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संचालन ठप हो गया है। ताजा अपडेट के अनुसार, अब तक 25 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। हवाई अड्डा अधिकारियों का कहना है कि रनवे से बर्फ हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन लगातार गिर रही बर्फ के कारण मशीनरी को काम करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों यात्री हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
NH-44 बंद: घाटी का लाइफलाइन संपर्क टूटा
कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र राजमार्ग, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44), यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। रामबन और बनिहाल के क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन (Landslides) और पत्थर गिरने की खबरें आई हैं। इसके साथ ही, जवाहर सुरंग और काजीगुंड के पास सड़क पर 2 से 3 फीट तक बर्फ जमा हो गई है।
यातायात पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक सड़क पूरी तरह साफ नहीं हो जाती और मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राजमार्ग पर सैकड़ों ट्रक और सवारी वाहन फंसे हुए हैं, जिनमें आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन भी शामिल हैं।
प्रशासन की तैयारियां और चुनौतियां
भारी बर्फबारी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने ‘स्नो क्लीयरेंस’ मशीनें तैनात कर दी हैं। मुख्य सड़कों से बर्फ हटाई जा रही है ताकि एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों और अंदरूनी गांवों में अभी भी बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित है। बिजली की लाइनें गिरने से कई जिले अंधेरे में डूबे हुए हैं।
पर्यटकों के लिए चेतावनी और मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों तक बर्फबारी का सिलसिला इसी तरह जारी रह सकता है। विभाग ने हिमस्खलन (Avalanche) की चेतावनी भी जारी की है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जो पहाड़ों के ढलानों पर बसे हैं। गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फ की परत 4-5 फीट तक पहुँच गई है।
पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे होटल से बाहर न निकलें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। हालांकि, इस बर्फबारी ने पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के चेहरे पर खुशी भी दी है, लेकिन परिवहन व्यवस्था ठप होने से यह खुशी चिंता में बदलती दिख रही है।
निष्कर्ष: कश्मीर में फिलहाल स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। यदि आप कश्मीर यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे कुछ दिनों के लिए टालना ही बेहतर होगा।


















