PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी का मामला: “चाय वाला और कुत्ता” कहने वाली महिला पर FIR दर्ज, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ था वायरल
चंडीगढ़/पंजाब: सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी और मर्यादा के बीच की बहस एक बार फिर गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में पंजाब पुलिस ने एक महिला के खिलाफ FIR दर्ज की है। महिला का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें उसने पीएम मोदी के ‘चाय बेचने’ वाले बैकग्राउंड को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में महिला को देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक तुलना करते हुए सुना गया। महिला ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री को “कुत्ता और चाय बेचने वाला” कहकर संबोधित किया और उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
-
वीडियो वायरल: यह वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर जंगल की आग की तरह फैला, जिसके बाद लोगों ने पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
-
पुलिस की कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने, सार्वजनिक शांति भंग करने और मानहानि से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद इंटरनेट दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है:
-
कार्रवाई का समर्थन: भाजपा समर्थकों और कई आम नागरिकों का कहना है कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की घटिया टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
-
मर्यादा की मांग: सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन विरोध की भाषा में शालीनता होनी चाहिए।
मुख्य अपडेट्स: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| आरोपी | एक अज्ञात महिला (वीडियो के आधार पर पहचान जारी) |
| आरोप | PM मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा और विवादित टिप्पणी |
| कार्रवाई | पंजाब पुलिस द्वारा FIR दर्ज |
| प्लेटफॉर्म | इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर वीडियो वायरल |
विवादों से पुराना नाता
प्रधानमंत्री के ‘चायवाला’ बैकग्राउंड पर टिप्पणी करना कोई नई बात नहीं है। विपक्ष के कई बड़े नेता पहले भी इस तरह के बयानों के कारण मुश्किलों में घिर चुके हैं। हालांकि, इस बार एक आम महिला द्वारा “कुत्ते” जैसे शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर कानूनी शिकंजा कस दिया गया है।
“लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा के लिए कानून में कोई जगह नहीं है।” — कानूनी विशेषज्ञों की राय
निष्कर्ष
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह वीडियो किसी विशेष राजनीतिक एजेंडे के तहत बनाया गया था या यह किसी की व्यक्तिगत हताशा का परिणाम है। फिलहाल, महिला की तलाश जारी है और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे विवादित कंटेंट को शेयर न करें जिससे समाज में तनाव पैदा हो।
इस मामले से जुड़ी हर ताज़ा अपडेट और पुलिस की अगली कार्रवाई जानने के लिए हमारे पेज को फॉलो करें।
















