पंजाब में आज सरकारी बसों का चक्का जाम: PRTC और पनबस कर्मचारियों की हड़ताल, जानें क्या हैं मांगें

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जाब में आज सरकारी परिवहन सेवा पूरी तरह से ठप रहने वाली है। PRTC (पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) और पनबस (PUNBUS) के कच्चे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आज ‘मुकम्मल चक्का जाम’ का ऐलान किया है। इस हड़ताल के कारण राज्य भर में सरकारी बसों के पहिए थम गए हैं, जिससे दैनिक यात्रियों, विशेषकर छात्रों और दफ्तर जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल का मुख्य कारण: क्यों बंद हैं बसें?

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के नेताओं का कहना है कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को अनसुना कर रही है। हड़ताल के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना: यूनियन की सबसे प्रमुख मांग है कि पिछले कई सालों से अनुबंध (Contract) पर काम कर रहे ड्राइवरों और कंडक्टरों को तुरंत पक्का किया जाए।

  2. नई बसों की खरीद: कर्मचारियों का आरोप है कि बेड़े में नई सरकारी बसें नहीं जोड़ी जा रही हैं, जिससे विभाग घाटे में जा रहा है और निजी बस ऑपरेटरों को फायदा हो रहा है।

  3. समान काम, समान वेतन: कच्चे कर्मचारी भी पक्के कर्मचारियों के बराबर वेतन और भत्तों की मांग कर रहे हैं।

  4. आउटसोर्सिंग का विरोध: यूनियन विभाग में नई भर्तियों को आउटसोर्सिंग के जरिए करने के सरकार के फैसले का कड़ा विरोध कर रही है।

आम जनता पर असर: बस अड्डों पर पसरा सन्नाटा

आज सुबह से ही पंजाब के प्रमुख शहरों जैसे जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा के बस अड्डों पर सरकारी बसें नहीं चलीं।

  • यात्रियों की परेशानी: सरकारी बसों के बंद होने से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है जो ‘फ्री सफर’ सुविधा (महिलाओं के लिए) का लाभ उठाते थे।

  • निजी बसों पर दबाव: सरकारी बसें न चलने के कारण निजी बसों में भारी भीड़ देखी जा रही है और वे मनमाना किराया वसूलने की कोशिश कर रहे हैं।

  • छात्रों पर प्रभाव: स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र, जिनके पास सरकारी बसों के पास (Pass) हैं, वे भी आज फंसे हुए हैं।

सरकार और सीएम मान का रुख

मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने पहले भी कई बार कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकें की हैं, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केवल ‘आश्वासन’ मिलता है, समाधान नहीं। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो यह चक्का जाम अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है।

[Image showing PRTC/Punbus standing still at a bus stand with protesting workers]

निष्कर्ष

पंजाब में सरकारी बसों की यह हड़ताल राज्य की परिवहन व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। एक तरफ जहां कर्मचारी अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम जनता इस खींचतान के बीच पिस रही है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस संकट का समाधान निकालने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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