राज्यसभा चुनाव 2026: एनडीए की बड़ी जीत, क्रॉस वोटिंग ने बिगाड़ा विपक्ष का खेल
नई दिल्ली: 16 मार्च 2026 को देश के तीन राज्यों—बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए हुए मतदान के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इन नतीजों ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के मजबूत प्रबंधन और विपक्ष के भीतर की कलह को उजागर कर दिया है। 11 सीटों में से एनडीए ने कुल 9 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) को महज 1-1 सीट से संतोष करना पड़ा।
बिहार: एनडीए का ‘क्लीन स्वीप’, नीतीश कुमार फिर चमके
बिहार की 5 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पांचों सीटों पर कब्जा कर लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (JDU) और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जीत हासिल की। उनके साथ ही रामनाथ ठाकुर (JDU), उपेंद्र कुशवाहा (RLM) और भाजपा के शिवेश कुमार भी राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे। विपक्ष (महागठबंधन) के लिए यह एक बड़ा झटका रहा क्योंकि आरजेडी उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, विपक्ष के 4 विधायक (3 कांग्रेस और 1 आरजेडी) मतदान के समय अनुपस्थित रहे, जिसका सीधा फायदा एनडीए को मिला।
ओडिशा: क्रॉस वोटिंग से भाजपा को मिली ताकत
ओडिशा की 4 सीटों के नतीजों ने सबको चौंका दिया। यहाँ भाजपा ने 3 सीटें जीतीं, जिसमें भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय की जीत सबसे प्रमुख रही। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने भी अपनी सीटें जीतीं। बीजद की ओर से केवल संत्रुप्त मिश्रा ही अपनी सीट बचा पाए। बताया जा रहा है कि बीजद और कांग्रेस के लगभग 11 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की, जिसने नवीन पटनायक की पार्टी के समीकरण बिगाड़ दिए।
हरियाणा: हाई-वोल्टेज ड्रामा और विवादित नतीजे
हरियाणा की 2 सीटों पर चुनाव काफी रोमांचक और विवादों से भरा रहा। यहाँ भाजपा के संजय भाटिया ने जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध को दूसरी सीट मिली। मतदान के दौरान वोटों की गोपनीयता और नियमों के उल्लंघन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच काफी खींचतान हुई, जिसके कारण काउंटिंग को कुछ समय के लिए रोकना भी पड़ा। अंततः चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के बाद नतीजे साफ हुए।
निष्कर्ष
इन चुनावों के बाद उच्च सदन (राज्यसभा) में एनडीए की ताकत और बढ़ गई है। क्रॉस वोटिंग और विधायकों की अनुपस्थिति ने विपक्षी एकता के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से बिहार और ओडिशा के परिणामों ने 2026 के आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के लिए एक नया संकेत दे दिया है।

















