आज, 12 फरवरी 2026 को पूरे देश में ‘भारत बंद’ का आह्वान किया गया है। केंद्र सरकार की नई आर्थिक नीतियों, विवादास्पद नए लेबर कोड और हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में देश के विभिन्न किसान संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने एक साथ आने का फैसला किया है। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर सुबह से ही देश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है, जिससे आम जनजीवन और परिवहन सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
हड़ताल के मुख्य कारण: क्यों हो रहा है भारत बंद?
इस बड़े विरोध प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:
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नए लेबर कोड का विरोध: ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानून (Labour Codes) श्रमिकों के अधिकारों का हनन करते हैं और कॉरपोरेट घरानों को अधिक फायदा पहुँचाते हैं।
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील: हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठन आशंकित हैं। उनका मानना है कि इस डील से विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में हावी हो जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान होगा।
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आर्थिक नीतियां और निजीकरण: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के निजीकरण और बढ़ती महंगाई को लेकर भी संगठनों में भारी नाराजगी है।
क्या खुला रहेगा और क्या बंद? (संभावित प्रभाव)
भारत बंद के दौरान नागरिकों को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। फिर भी, निम्नलिखित सेवाओं पर असर पड़ सकता है:
इन सेवाओं पर पड़ेगा असर:
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परिवहन: रोडवेज बसें, निजी टैक्सियाँ और ऑटो-रिक्शा के पहिए कई राज्यों (विशेषकर पंजाब, हरियाणा और केरल) में थम सकते हैं।
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बैंकिंग: सरकारी बैंकों के कर्मचारी संघों ने हड़ताल का समर्थन किया है, जिससे बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है। डिजिटल ट्रांजेक्शन जारी रहेंगे।
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मंडियां और बाजार: कई शहरों में व्यापारिक संगठनों ने अपनी दुकानें बंद रखने का फैसला किया है।
अनिवार्य सेवाएं रहेंगी जारी:
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अस्पताल और एम्बुलेंस: सभी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलेंगी।
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मेडिकल स्टोर: दवाओं की दुकानें खुली रहेंगी।
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दमकल और बिजली विभाग: बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
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इंटरनेट सेवाएं: फिलहाल इंटरनेट बंद करने जैसी कोई सूचना नहीं है।
राजनीतिक सरगर्मी और सुरक्षा व्यवस्था
विपक्षी दलों ने भी इस भारत बंद को अपना नैतिक समर्थन दिया है। दिल्ली की सीमाओं और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
यह भारत बंद सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच बढ़ते गतिरोध का प्रतीक है। किसानों और मजदूरों की मांगें कितनी जायज हैं, यह बहस का विषय हो सकता है, लेकिन आज की स्थिति आम आदमी के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाली है। यदि आप आज यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो स्थानीय समाचारों और ट्रैफिक अपडेट्स पर नजर जरूर रखें।

















