उत्तर भारत में भारी बारिश का कहर: दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और हिमाचल प्रभावित
उत्तरी भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू, हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में हालात बिगाड़ दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में और भी तेज बारिश होने की संभावना है। इस मौसमी संकट ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है और प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में जनजीवन प्रभावित
चंडीगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं। यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। कई वाहन पानी में फंसे हुए हैं और लोग अपने ऑफिस और स्कूल तक पहुँचने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। भारी बारिश के कारण बिजली कटौती और जलभराव की समस्या भी सामने आई है। प्रशासन ने आपात स्थिति के मद्देनजर सड़क मार्गों की निगरानी बढ़ा दी है।
स्कूल बंद और सतर्कता बढ़ाई गई
भारी बारिश के चलते चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही नदियों और नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश में भी नदियां उफान पर हैं और कई सड़कें बंद हो गई हैं। लोगों को अलर्ट किया गया है कि वे बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
नदियों के किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने के निर्देश
पंजाब और हरियाणा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि नदियों के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने के लिए तैयार रहें।
IMD की चेतावनी
IMD ने अगले 48 घंटे में उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
राहत कार्य और बचाव अभियान
स्थानीय प्रशासन, NDRF और पुलिस बल मिलकर राहत कार्य तेज कर रहे हैं। कई प्रभावित इलाकों में बचाव नौकाएं भेजी गई हैं और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों और अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था की है।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब मानसून की तीव्रता और खतरनाक हो गई है। इस तरह की भारी बारिश अब आम होती जा रही है और इससे निपटने के लिए प्रशासन को पहले से ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष:
उत्तर भारत में इस बार की भारी बारिश ने लोगों के जीवन और जनजीवन को प्रभावित किया है। प्रशासन, NDRF और स्थानीय एजेंसियां लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं। जनता से अपील है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
















