GST Collection 2025: अगस्त में ₹1.82 लाख करोड़ का रिकॉर्ड!

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GST Collection August 2025 Record ₹1.82 Lakh Crore Revenue Growth in India
अगस्त 2025 में भारत का GST कलेक्शन ₹1.82 लाख करोड़ के पार, पिछले साल से 12% ज्यादा। सरकार का कहना – ई-इनवॉइसिंग और ई-वे बिल सिस्टम ने टैक्स चोरी पर लगाई लगाम।

अगस्त 2025 का GST कलेक्शन बना नया रिकॉर्ड

भारत सरकार ने अगस्त 2025 के लिए Goods and Services Tax (GST) Collection के आंकड़े जारी किए हैं। इस बार सरकार को ₹1.82 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो कि अब तक का एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। यह आंकड़ा पिछले साल के अगस्त महीने की तुलना में लगभग 12% ज्यादा है।

सरकार के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ई-इनवॉइसिंग, ई-वे बिल सिस्टम और टैक्स कंम्प्लायंस की सख़्ती की वजह से हुई है। डिजिटल सिस्टम के जरिए अब फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी पर काफी हद तक रोक लगाई जा रही है।


किस सेक्टर से कितना राजस्व आया?

GST विभाग की रिपोर्ट के अनुसार:

  • IGST (Integrated GST) से ₹91,000 करोड़

  • CGST (Central GST) से ₹41,000 करोड़

  • SGST (State GST) से ₹44,000 करोड़

  • Cess (Compensation Cess) से ₹6,000 करोड़

यह साफ़ है कि घरेलू खपत के साथ-साथ आयात–निर्यात से भी राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी आई है।


सरकार का बयान

वित्त मंत्रालय ने कहा कि अगस्त 2025 का GST कलेक्शन भारत की मजबूत इकोनॉमी और टैक्स कंम्प्लायंस का सबूत है। मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल निगरानी और डेटा एनालिटिक्स से टैक्स चोरी करने वालों पर कार्रवाई आसान हुई है।

सरकार ने यह भी दावा किया है कि आने वाले महीनों में भी GST कलेक्शन में स्थिर वृद्धि देखने को मिलेगी, क्योंकि फेस्टिव सीजन में खपत और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।


टैक्स चोरी पर कड़ी निगरानी

GST काउंसिल ने हाल ही में टैक्स चोरी रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं।

  • ई-वे बिल की अनिवार्यता

  • ई-इनवॉइसिंग सिस्टम का विस्तार

  • छोटे कारोबारियों के लिए कम्पोज़िशन स्कीम

  • डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन

इन सब उपायों की वजह से अब टैक्स चोरी करना कठिन होता जा रहा है।


छोटे कारोबारियों के लिए राहत

अगस्त 2025 की बैठक में GST काउंसिल ने छोटे कारोबारियों के लिए राहत देने का फैसला भी लिया। अब 1.5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले व्यापारी कम्पोज़िशन स्कीम में रह सकते हैं। उन्हें सिर्फ 1% टैक्स चुकाना होगा।

यह कदम छोटे और मझोले व्यापारियों (SMEs) को बड़ी राहत देगा और Ease of Doing Business को बढ़ावा देगा।


आगे की राह: पेट्रोल–डीज़ल पर चर्चा

GST काउंसिल में एक और बड़ा मुद्दा उठा है – पेट्रोल और डीज़ल को GST के दायरे में लाना। हालांकि राज्यों को आशंका है कि ऐसा करने से उनके राजस्व पर असर पड़ेगा। लेकिन अगर यह कदम उठाया गया तो तेल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।


निष्कर्ष

अगस्त 2025 का ₹1.82 लाख करोड़ का GST कलेक्शन यह दर्शाता है कि भारत की टैक्स व्यवस्था मजबूत हो रही है। सरकार की सख़्त नीतियाँ और डिजिटलाइजेशन टैक्स चोरी को कम कर रहे हैं। साथ ही छोटे कारोबारियों के लिए राहत भरे फैसले भी लिए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, आने वाले महीनों में GST कलेक्शन में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर त्योहारों के दौरान जब खपत में भारी उछाल देखने को मिलता है।

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