देश की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन IndiGo के लिए आज का दिन बड़ा झटका लेकर आया है। पिछले कई दिनों से लगातार उड़ानें रद्द होने और यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के बीच DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने एयरलाइन को तुरंत प्रभाव से अपनी निर्धारित उड़ानों में 5% की कटौती करने का आदेश दिया है। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और एयरलाइन के संचालन संबंधी प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
हाल के दिनों में IndiGo की उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने की शिकायतें सामने आई थीं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लंबा इंतज़ार, आखिरी समय में उड़ानें रद्द होने, रिफंड में देरी, और सही जानकारी न मिलने जैसी समस्याओं को लेकर तीखी नाराज़गी जताई। ये शिकायतें DGCA तक पहुंचीं और अंततः नियामक ने एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
DGCA का कहना है कि एयरलाइन में तकनीकी खामियों, क्रू की कमी और रखरखाव संबंधी समस्याओं की वजह से उड़ान सेवाओं पर असर पड़ रहा था। वहीं IndiGo का कहना है कि वे हालात को जल्द से जल्द सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एविएशन नियमों के मुताबिक यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है।
इस आदेश का असर आज भी देशभर के एयरपोर्ट्स पर दिखाई दिया। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चंडीगढ़ और कोलकाता सहित कई बड़े एयरपोर्ट्स पर कई उड़ानें रद्द रहीं और कुछ में भारी देरी भी देखने को मिली। इससे व्यवसायिक यात्रियों, त्योहारों और विवाह समारोह के लिए यात्रा करने वालों को सबसे ज़्यादा परेशानी हुई।
IndiGo की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वे DGCA के आदेश का पालन करेंगे और सेवाओं को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी टीम और स्टाफ तैनात किया जा रहा है। एयरलाइन ने यह भी आश्वासन दिया कि रद्द हुई उड़ानों के यात्रियों को पूरा रिफंड या मुफ्त री-बुकिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बावजूद यात्रियों के बीच नाराज़गी कम नहीं हुई है। कई लोगों ने शिकायत की कि वे घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतज़ार करते रहे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, IndiGo की समस्या का असर अन्य एयरलाइनों पर भी पड़ रहा है, जिससे टिकटों की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है।
DGCA ने साफ किया है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जाएगी और अगर सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो और सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने ये साफ कर दिया है कि देश की एविएशन इंडस्ट्री को बढ़ती मांग के साथ-साथ तकनीकी क्षमता और मैनेजमेंट सुधार पर भी ध्यान देना होगा। आने वाले कुछ दिन यात्रियों के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं, लेकिन उम्मीद है कि एयरलाइन जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी।
















