Share Market Update 13 January 2026: बाजार में मिक्स्ड रुझान, दिग्गज शेयरों में हलचल
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में आज, 13 जनवरी 2026 को शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) ने एक सीमित दायरे में कारोबार की शुरुआत की है। जहाँ एक ओर वैश्विक संकेतों से थोड़ी राहत मिल रही है, वहीं घरेलू स्तर पर दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजों और कॉर्पोरेट अपडेट्स ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है।
बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी की चाल सुबह के सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही बिकवाली के दबाव में लाल निशान पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 25,800 के अहम स्तर के इर्द-गिर्द संघर्ष करता नजर आ रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी 25,900 के स्तर को पार नहीं करता, तब तक बाजार में बड़ी तेजी की संभावना कम है।
रिलायंस और HCL टेक पर दबाव का कारण आज के कारोबार में बाजार के सबसे बड़े दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण वैश्विक तेल कीमतों में अस्थिरता और अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी को माना जा रहा है।
वहीं, आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनी HCL Tech के शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है। कंपनी ने हाल ही में अपने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें उसके शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 11% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है, लेकिन मुनाफे में कमी ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है।
TCS के नतीजों का असर आईटी सेक्टर की अगुवाई करने वाली कंपनी TCS के शेयरों में भी आज हलचल है। कंपनी का मुनाफा भी उम्मीद से कम रहा है (14% की गिरावट), हालांकि कंपनी ने ₹46 के विशेष डिविडेंड की घोषणा करके शेयरधारकों को खुश करने की कोशिश की है। आईटी सेक्टर में चल रही इस उठापटक का असर निफ्टी आईटी इंडेक्स पर साफ देखा जा सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति? आज बाजार में ICICI Lombard, Tata Elxsi और Bank of Maharashtra जैसी कंपनियों के भी नतीजे आने वाले हैं, इसलिए इन स्टॉक्स में इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस अस्थिरता के दौर में ‘Wait and Watch’ की रणनीति अपनाना बेहतर हो सकता है।













