नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र 2026 का पहला चरण आज आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। इस सत्र की सबसे बड़ी सुर्खी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया 9वां लगातार बजट रहा। सरकार ने इस बार मध्यम वर्ग (Middle Class) को सीधे टैक्स स्लैब में बदलाव की जगह एक पूरी तरह से नए ‘आयकर कानून’ का उपहार दिया है।
1. इनकम टैक्स एक्ट 2025: 1 अप्रैल से बदलेगा सिस्टम
वित्त मंत्री ने सदन में घोषणा की कि सरकार ने 60 साल पुराने ‘आयकर अधिनियम 1961’ की व्यापक समीक्षा पूरी कर ली है। अब देश में ‘Income Tax Act 2025’ लागू होगा, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा।
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मकसद: इस नए कानून का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग को सरल बनाना, मुकदमेबाजी (Litigation) को कम करना और भाषा को इतना आसान बनाना है कि एक आम नागरिक भी इसे समझ सके।
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सरल फॉर्म: वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नए और बेहद सरल इनकम टैक्स फॉर्म अधिसूचित किए जाएंगे।
2. इनकम टैक्स स्लैब और मिडिल क्लास को राहत
हालांकि इस बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों (Tax Slabs) में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया गया है, लेकिन सरकार ने अन्य रास्तों से मध्यम वर्ग की जेब को राहत देने की कोशिश की है:
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कैंसर की दवाएं सस्ती: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। यह उन मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो इलाज के भारी खर्च से जूझते हैं।
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विदेश यात्रा हुई सस्ती: विदेश टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) की दरों को 5% और 20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है।
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ब्याज पर टैक्स छूट: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले मुआवजे के ब्याज पर अब कोई टैक्स नहीं देना होगा।
3. ‘विकसित भारत’ के लिए रोजगार और स्किलिंग
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में ‘युवाशक्ति’ पर जोर देते हुए बताया कि यह बजट “तीन कर्तव्यों” (Kartavyas) पर आधारित है।
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रोजगार सृजन: सरकार ने 50 लाख नई नौकरियों का रोडमैप तैयार किया है।
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पूंजीगत व्यय (Capex): इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे निर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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MSME के लिए फंड: छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ‘ग्रोथ फंड’ बनाने की घोषणा की गई है।
4. बजट 2026 के प्रमुख वित्तीय आंकड़े
सदन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सरकार राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने में सफल रही है:
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राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे GDP का 4.3% रहने का अनुमान लगाया गया है।
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कुल व्यय: सरकार का कुल खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
निष्कर्ष
बजट सत्र के पहले चरण की समाप्ति पर विपक्ष ने टैक्स स्लैब में बदलाव न होने को लेकर आलोचना की, वहीं सत्ता पक्ष ने ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ को एक क्रांतिकारी प्रशासनिक सुधार बताया है। अब देखना यह होगा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाला नया कानून करदाताओं के जीवन में कितनी सुगमता लाता है।
















